ज्योतिष का क्या है महत्व ?

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ज्योतिष एक बहुत ही विशाल ज्ञान है अगर इसे सागर कहा जाये तो यह सही होगा क्योंकि इस ज्योतिष सागर में जितना व्यक्ति डूबता है उतना ही अमूल्य ज्ञानरूपी निधि प्राप्त होती है। ज्योतिष को सीखना आसान नहीं है बल्कि ज्योतिष विज्ञान को सीखने से पहले इस विज्ञान को समझना आवश्यक है। अगर सरल भाषा में कहा जाए तो ज्योतिष वह विज्ञान या विद्या है जिसके द्वारा आकाश में स्थित ग्रहों, नक्षत्रों आदि की गति, परिमाप, दूरी इत्या‍दि का निश्चय किया जाता है इसके साथ ही ज्योतिष मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, ऋतु, अयन आदि सब विषयों का भी ज्ञान हमे कराता है। ज्योतिष के द्वारा ही मनुष्य आकाशीय घटनाओं से भली भांति परिचित होता है।

ज्योतिष भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति मनुष्य को सावधान कर देता है। ज्योतिष व्यक्ति के व्यवहार, रोज़गार, विवाह, आय – खर्चे, आर्थिक स्थिति, सेहत आदि के विषय के बारे में बताकर हमें उचित मार्गदर्शन प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। ज्योतिष के बिना व्यक्ति को जीवन में क्या करना चाहिए यह जानना काफी मुश्किल हो सकता है। आकाश में घटने वाली घटनाओं का जो मानव जीवन पर प्रभाव पड़ता है उसके बारे मे ज्योतिष हमे बताता है।

व्यक्ति के द्वारा उसके पिछले जन्मों में जो भी शुभाशुभ कर्म किये गए है उन सभी का ज्ञान ज्योतिष की सहायता से किया जाता है। कुछ लोग कर्म को प्रधानता देते है वहीं कुछ लोग भाग्य को प्रधानता देते है। वास्तव में जीवन में दोनों का ही समान महत्व है क्योंकि भाग्य में जो लिखा है वो होगा ही परन्तु कर्म करके भाग्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है। कई बार यह देखा भी गया है कि व्यक्ति बहुत परिश्रम करता है किंतु परिणाम उसके अनुकूल नहीं होता। ऐसी स्थिति में भाग्य का असर स्पष्टरूप से दिखता है। समझदार व्यक्ति जप, दान, अनुष्ठान, सेवा, भक्ति के बल पर अपने भाग्य को बल प्रदान करता है।

एस्ट्रोलॉजर सुमित तिवारी
एम. ए. ज्योतिष