कब और क्यों मनाई जाती है अनंत चतुर्दशी ?

0
कब और क्यों मनाई जाती है अनंत चतुर्दशी ?

हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का बड़ा ही महत्व है। अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी का यह पर्व 1 सितंबर 2020 को मनाया जायेगा। भगवान विष्णु अपने अन्य नाम अनंत से भी लोकप्रिय है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और लोग इस दिन पूजा और अनुष्ठान करके भगवान विष्णु का आशीर्वाद और उनकी कृपा प्राप्त करते है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और अनंत सूत्र को बांधने से जीवन की सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। अनंत चतुर्दशी का व्रत करने से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं किन्तु व्रत का पालन नियमपूर्वक किया जाए तो उत्तम रहेगा।

अनंत चतुर्दशी के दो प्रमुख महत्व हैं –

यह गणपति उत्सव की समाप्ति का प्रतीक है जिसे गणपति विसर्जन के नाम से भी जाना जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी कहा जाता है एवं दस दिन तक गणेश पूजन करने के बाद चौदस को उन्हें विसर्जित कर दिया जाता है।

इस दिन लोग भगवान विष्णु की कथाओं को सुनते है और अनंत भगवान विष्णु की पूजा उपासना करते है।

अनंत चतुर्दशी की व्रत और पूजा की विधि :

अनंत चतुर्दशी के दिन प्रातः काल स्नान करने के बाद पूजा स्थान को शुद्ध करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए भगवान विष्णु के सामने बैठकर भगवान का स्मरण करना चाहिए. भगवान विष्णु की प्रिय वस्तुओं को उन्हें अर्पण करें साथ ही पूजा में पीले पुष्प और मिष्ठान का प्रयोग करना चाहिए। अनंत सूत्र को भगवान विष्णु के चरणों में रखने के बाद इसे धारण करें।